Sunday, March 6, 2016

मुश्किलें





मुश्किलें सिर्फ रूई का एक थैला भर हैं बस

देखने में बहुत बड़ी हैं उनके लिये

जो सामना करने से डरते हैं

और

हल्की उनके लिये 

जो सामना करना 

और 

उन्हें सुलझाना जानते हैं 

Saturday, January 9, 2016

अनुमान और अनुभव



    आजकल के बच्चे 
हैं समझदार बहुत
थोड़ी सी है बस कमी
अनुभव की नहीं है ज़मीं
सलाह करो बड़ो से
नहीं होगा कोई अपमान तुम्हारा
अनुमान तुम्हारा गलत हो सकता है
पर बड़ों का अनुभव नहीं
सम्मान करो बड़ों का
छोड़ कर झूठा अहंकार
माना करो बड़ो की बात
देखना कैसे बढ़ता है प्यार.

Wednesday, January 6, 2016

दूसरों की गलती



खुद को समझदार सब समझते हैं
कभी दूसरे को भी थोड़ा समझ कर देखो
जिंदगी जीना बहुत आसान हो जायेगा
दूसरों में गलतीयाँ निकालना बहुत आसान होता है
कभी खुद के गिरहबान में भी झांक कर देखो
दूसरों को समझना आसान हो जायेगा


Friday, December 18, 2015

आलस त्यागो




  सपने तो देख लेते हैं हम जागती आंखो से 
बस उन्हे पूरा करने में हिम्मत करने की जगह
आंखे बंद कर लेते हैं और
बंद आंखो में उन्हे पूरा करके मुस्कुरा देते हैं......रमा

आलस त्यागो... सुप्रभात

Wednesday, December 16, 2015

सुप्रभात



   सब को कर प्रणाम
सुबह सुबह ले प्रभू का नाम
न दिल दुखे किसी का
यही प्रयास करें हम सुबहो शाम...... रमा
सुप्रभात....🙏🏼

Wednesday, December 9, 2015

दिल




दुनिया तो बहुत छोटी सी है

हम किसी न किसी मोड़ पर मिल ही जायेंगे

तो क्यों न दिल बड़ा रखे

ताकि कोई गिला शिकवा न रहे किसी के लिये.

Thursday, December 3, 2015

गुस्सा




गुस्से में ज्यादा नहीं बोलते क्योंकि उस वक्त मुंह से जो शब्द निकलते हैं वो सोचे हुये नही होते लेकिन उनका नतीजा बहुत बुरा होता है

रमा

Tuesday, September 22, 2015

माँ बाप और आज के हालात




    वक्त रहते माँ बाप की सेवा कर लो , ये अवसर न बार बार मिलता है और न ही हर किसी को, 
जिनके माँ बाप नहीं उनसे पूछो
और जिनके माँ बाप हैं वो उन्हे पूछते नहीं....  क्यो
क्या 40/50 साल पहले वर्द्ध आश्रम थे ? 
क्या तब माँ बाप की ऐसी हालात थी जैसी अब है 
बूढ़ी आंखों में झांक कर देखो वहाँ आपके लिये दुआयें और प्यार ही नजर आयेगा
मत गंवाओ इस समय को और थोड़े वर्षों में आप ने भी इस स्थति से गुजरना है..... बक्त रहते संभल जाओ बाद में फोटो के आगे रोने के सिवा कुछ हाथ नही लगना

Wednesday, September 2, 2015

मिठास




  ज़ुबान में ही नही दिल में भी मिठास रखनी चाहिये
वरना
कड़वाहट हर रिश्ते को खा जाती है

Thursday, December 4, 2014

शिक्षाप्रद वातावरण

सुविचार

ऐसी वाणी बोलिए
मन का आप खोये

ये कहावत आज कल सिर्फ किताबो के लिए रह गयी है
वरना आज कल के बच्चे  तो पहले खुद का आपा खोते हैं और उसके बाद ऐसी वाणी बोलते हैं की सुननेवाला अपना आप ही खो बैठता है

आज के बच्चो को सिर्फ किताबो की शिक्षा मिल रही है वरना हर तरफ झगडे और ऐसी मूवीज और टी वी पर इतना कुछ ऐसा ही देखने को मिलता है
अब इसमें उनका भी क्या कसूर
जो वो लोग देख रहे हैं उसी को फॉलो भी कर रहे हैं
ऐसे टी वी चैनल और मूवीज पर रोक लगानी चाहिए और बच्चों के चारो और शांत और शिक्षाप्रद वातावरण ही रखने की कोशिश करनी चाहिए

Thursday, November 27, 2014

पोथी पड़ पड़ जग मुआ

पोथी

पोथी पड़ पड़ जग मुआ

आजकल क्या जवान क्या बच्चे सब का यही हाल है

पढाई में नंबर एक आते हैं लेकिन माँ बाप से बोलने का तरीका उन्हें भूल गया है ,माना  ज़माना बदल गया है लेकिन माँ बाप और उनका आदर कहीं खो गया है आज की पीडी से ,ये नहीं सोचते की जैसा वो कर रहें हैं अपने माँ बाप के साथ उनके बच्चे उन्ही से अवचेतन में सब सीख रहे हैं

बाद में तो यही होगा
बोये पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होए
माँ बाप को इतने कडवे शब्द आप अनजाने में बोल जाते हो जिसका आप को एहसास भी नहीं होता और एहसास तब होगा जब आप उस उम्र में पहुंचोगे

Tuesday, August 19, 2014

दोस्ती और अहम्

विचार

कई बार खून के रिश्ते हमें इतना नहीं समझते

जितना हमारे दोस्त हमें समझते हैं

दोस्ती में

अहम को कभी भी आड़े ना आने दो

जहाँ अहम आया

वहां दोस्ती ख़तम

बस एक नासूर रह जाता है वहां

जहाँ कभी दोस्ती रहती थी

Tuesday, July 15, 2014

दोस्ती

सुविचार

जिंदगी में या तो दोस्त बनाओ नहीं

बनाओ तो दिल से निभाओ

चेहरे पर मुखौटे दुनिया के अछे लगते हैं

दोस्त निर्मल और स्वच्छ

मन से ही मिलते हैं

जहाँ दोस्ती में मुखौटा आया

वहां आप ने अपना एक दोस्त खोया

दोस्त बनाना आसन है

दोस्ती निभाना कठिन है

अगर दोस्ती की है तो निभा कर दिखाओ

यही दोस्ती की पहचान है

Thursday, June 26, 2014

कडवे बोल

सुविचार


बचपन से ही ये कहावत सब ने सुनी है

की पहले तोलो फिर बोलो

लेकिन क्या इसको हम जिंदगी में अपनाते भीं हैं

कई बार आप के हंसी हंसी में कहे शब्द

किसी को सदा का दर्द दे जातें हैं

अगर आप दुखी हैं तो ये आशा क्यों की

सब को ऐसा दुःख मिलना चाहिए

अगर आप एक अछे इंसान हैं तो

कितने भी दुखी हों लेकिन अपने दुश्मन के लिए भी

वैसा दुःख ना मांगे

बोलने से पहले सोच ले

आप के शब्द किसी को कितना दर्द देंगे

उससे आप का गम तो कम नहीं होगा

लेकिन आप अपना कोई प्रिय खो बैठेंगे कडवे बोलों से

इसलिए बोलने से पहले थोडा सोच ज़रूर ले

 

Saturday, May 17, 2014

आजकल की पीडी और हमारा व्यवहार

सुविचार

हम लोग बच्चों की बातो को अनसुना कर देते हैं

या फिर उनका मुकाबला अपने बचपन से करके उन्हें डांट देते हैं

आजकल की परिस्थियाँ बहुत भिन्न हैं

अगर हम अपने बच्चों को कुंठा से बचाना चना चाहते हैं

और उन्हें अछे संस्कार देना चाहते हैं तो उनकी बात को समझने के लिए

उन्ह धयान से सुनना होगा ,और संयमित व्यवहार से दोस्ती करनी होगी

ताकि वो बिना डर खुल कर बात कर सकें

और हम उनकी परेशानी  दूर

यही रास्ता है आजकल की पीडी को अपना बनाने का

और उन्हें अच्छे और गलत का अंतर समझाने का  
      

Sunday, March 9, 2014

आंसू

 
कोशिश करो की कभी किसी की आँखों में आप की वजह से आंसू ना आयें
 
आंसू तभी आते हैं जब दिल में दर्द होता है
 
कभी किसी के दर्द की वजह ना बनो
 
आप से छोटे भी आप से ये सब अपने आप सीख जायेंगे
 
और जब वो बड़े होंगे तो कभी आप की आँखों में आंसू नहीं आने देंगे

Saturday, March 8, 2014

झूठ संभल कर

 
कोशिश करिए की झूठ ना बोला जाए
 
क्योकि सूरज कभी बादलों के पीछे सदा के लिए नहीं छिप सकता
 
उसी तरह हर झूठ ने एक ना एक दिन सामने जरुर आ जाना है
 
इसलिए अगर झूठ बोलना भी पड़ जाए तो उतना ही बोलिए की झूठ सामने आने पर आप को शर्मिंदा ना होना पड़े
 
आपके द्वारा बोले गए झूठ का असर आप से छोटों पर सब से अधिक पड़ता है

Friday, March 7, 2014

पहले तोलो फिर बोलो

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प्यार से बोलो
 
जो काम तीर या तलवार नहीं कर सकते
 
वो मीठे बोल कर जाते हैं
 
जो जख्म तीर या तलवार नहीं दे सकते
 
वो तीखे बोल दे जाते हैं
 
इसलिए बड़े बुज़ुर्ग कह गए हैं
 
पहले तोलो फिर बोलो

Saturday, November 23, 2013

बीता वक्त




  वक्त बीतते पता नहीं चलता 

           और

  माँ बाप की तस्वीर दीवार पर टंग जाती है

          उस वक्त

  अपनी गलतियों का अहसास होता है

         वक्त रहते

   संभल जाओ और उनकी कद्र कर लो

          क्योंकि

  बीता वक्त हाथ नहीं आता

Thursday, October 31, 2013

जवाब

विचार

जवाब देना बहुत आसान है

चुप रहना उतना ही कठिन

अगर हम कुछ देर चुप रह जाएँ

तो कितनी ही लड़ाइयों को टाल सकते हैं

लेकिन बेवजह चुप रहना

कई बार बहुत घातक हो जाता है खुद के लिए

इसलिए जवाब दे तो सोच समझ कर

परिस्थिति के अनुसार

बड़ों को हरगिज़ नहीं