Monday, September 30, 2013

नम्रता




    आपका झुका सर

    अभीमानी का भी सर झुका सकता है

    आपके दो जुड़े हाथ

   कितने रिश्तो की गांठे खोल सकते हैं

  आपका बंद मुँह

  कितनी ज़ुबाने बंद करा सकता है

  ज़रा सोच कर देखिये तो

6 comments:

  1. देखलो ऐ दूनीय वालो हम तूमे दीखाने आए है नजर न लगाना हमने भी अपने आखो


    मे सूरमा लगाये है

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